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पंडित दीन दयाल उपाध्याय अन्त्योदय योजना | Pandit Deendayal Upadhyaya Antyodaya Yojana in hindi

पंडित दीन दयाल उपाध्याय अन्त्योदय योजना | Pandit Deendayal Upadhyaya Antyodaya Yojana in hindi

तात्कालिक भारत सरकार की सबसे प्रमुख योजना है देश को ग़रीबी से और बेरोज़गारी से मुक्त कराना. सरकार ने इसके लिए कई तरह की योजनाओं की शुरुआत की है. सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कौशल विकास योजना, उस्ताद आदि योजनायें निकाली हैं. पंडित दीनदयाल योजना इन्ही सभी योजनाओं में से एक है. इसके अंतर्गत सरकार देश के विभिन्न ग्रामांचलों और शहरों के युवाओं को विभिन्न कार्यों में कुशल बनाएगी, ताकि वे ख़ुद से अपने रोज़गार का आविर्भाव कर सकें. यहाँ पर इस योजना सम्बंधित सभी विशेष जानकारियाँ दी जायेंगी.

पंडित दीन दयाल अन्त्योदय योजना की शुरुआत (Pandit Deendayal Upadhyaya Antyodaya Yojana Launch Date)

इस योजना की शुरुआत देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2015 में की थी. इसके अंतर्गत सरकार देश के अन्दर बेरोज़गारी की समस्या का निदान करना चाहती है. देश का युवा वर्ग कहीं नौकरी प्राप्त नहीं होने की वजह से बेरोजगार हो जाते हैं और इस वजह से देश में ग़रीबी शुरू होती है. यह योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित हो रही है, जिसके अंतर्गत सरकार देश के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों का प्रशिक्षण देगी और उन्हें रोज़गार प्राप्त हो सकेगा.   

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पंडित दीनदयाल अन्त्योदय योजना का लक्ष्य (Pandit Deendayal Upadhyaya Antyodaya Yojana Objectives in hindi)

इस योजना के सहारे सरकार देश के युवा वर्ग में होने वाली कई समस्याओं पर ध्यान देने वाली है. इस योजना के प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं.

  • इस योजना के अंतर्गत मुखयतः ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को काबिल बनाने का प्रयत्न किया जाएगा. मुख्य तौर पर ऐसा होता है, कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह की शिक्षा संबंधित सुविधाएं नहीं पहुँच पाती हैं, जिस वजह से इस क्षेत्र के युवाओं की शिक्षा में कई तरह की रुकावट आती है, और युवा अपने पसंद के क्षेत्रों में पढाई नहीं कर पाते हैं. इस योजना से सरकार इस तरफ ध्यान दे पाएगी.
  • इस योजना के अंतर्गत भारत के विभिन्न गाँव से लगभग 10 लाख युवाओं और युवतियों को प्रशिक्षित किया जाएगा.
  • इस योजना के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक का कोई भी युवा अपना नामांकन करा सकेगा.
  • इस योजना को आकर्षक बनाने के लिए सरकार ने इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों के लिए पुरस्कार राशि भी रखी है. इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों के लिए रू 15000 की पुरस्कार राशि रखी गयी है. हालाँकि जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए यह राशि रू 18000 की है.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार विभिन्न शहरों में इंस्टिट्यूशनल विकास पर ध्यान देगी. इसके अंतर्गत सरकार सेल्फ हेल्प ग्रुप, वेंडर आदि को प्रशिक्षित करेगी और इंटरप्रेन्योरशिप के अधीन लाएगी ताकि उनके व्यापार का विकास हो सके.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार ने शहरों के ग़रीब लोगों को ऋण देने की योजना बनायी है. इसके अंतर्गत सरकार इन्हें व्यापार स्थापित अथवा संचालित करने के लिए ऋण देगी. सरकार ऋण लेने वाले पर ऋण भार कम करने के लिए ऋण पर सब्सिडी भी देगी.
  • जो व्यक्ति माइक्रो एंटरप्राइज के अंतर्गत अपना व्यापार शुरू करना चाहता है, उसे सरकार 2 लाख रूपए तक का ऋण देगी और इस ऋण पर 7% का व्याज लागेगा.
  • ग्रुप एंटरप्राइज के रूप में व्यापार चालू करने वाले लोगों के लिये सरकार ने 10 लाख रूपए तक का लोन रखा है. इस लोन पर ऋण लेने वाले पर कुल 7% का व्याज देना पड़ेगा.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार वेंडर लोगो के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कराएगी और देश के विभिन्न हिस्सों में स्किल डेवलपमेंट का कार्य भी करेगी.

पंडित दीनदयाल अन्त्योदय योजना का संचालन (Pandit Deendayal Upadhyaya Antyodaya Yojana Operation)

इस योजना के संचलान पर भारत सरकार बहुत अधिक ध्यान देने का प्रयत्न कर रही है, क्योंकि यह योजना रोज़गार से जुड़ी हुई है. मिनिस्ट्री ऑफ़ अर्बन पावर्टी एलेवेशन ने नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन के साथ एक पैक्ट साइन किया है, जिसके अंतर्गत यह तय किया गया है कि दोनों मंत्रालय एक साथ मिलकर इस योजना को सफ़ल बनाने में अपना योगदान देंगे. इस तरह से सरकार एक तरफ जहाँ इस योजना के ज़रिये ग़रीबी पर ध्यान दे पाएगी, वहीँ दूसरी तरफ स्किल डेवलपमेंट का कार्य भी युवाओं में हो पायेगा.

इस योजना के अंतर्गत अब तक 4.54 लाख शहरी ग़रीब लोगों ने ट्रेनिंग ली है और इस संख्या के लगभग 22% लोगों को ट्रेनिंग के अंतर्गत नौकरी भी प्राप्त हुई है. इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण लेने वाले लोगों में अब तक कुल 551 करोड रुपए आवंटित भी कर दिए गये हैं. इसी के साथ योजना के संचलान के लिये आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए कुल 54 करोड़ रूपए खर्च किये हैं.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय योजना प्रभावशाली कैसे हैं (How Pandit Deendayal Upadhyaya Antyodaya Yojana is Effective)

इस योजना की स्ट्रेटेजी की वजह से इसे एक प्रभावशाली योजना माना जा सकता है. इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा किये जाने वाले कार्यों से समाज को कई तरह के लाभ प्राप्त होंगे, जिसकी वजह से इसे एक प्रभावशाली योजना माना जा सकता है. यहाँ पर इस योजना से सम्बंधित लाभों का वर्णन किया जा रहा है.

  • इस योजना के अंतर्गत सरकार लोगों को सब्सिडी के साथ लोन देगी. इस लोन से व्यक्ति में व्यापार के प्रति आत्मविश्वास बढेगा और व्यापार का भी विकास होगा.
  • इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों में रोज़गार प्राप्त हो सकेगा.
  • इसके अंतर्गत सरकार द्वारा वेंडरों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कराया जाएगा ताकि व्यापार में उन्हें आसानी होगी.

इस तरह से इस योजना के अंतर्गत देश के लोगों को एक साथ कई तरह के लाभ प्राप्त हो सकेंगे. कई लोगों ने इसके लॉन्च के बाद से ही इसका लाभ उठाना शुरू कर दिया है.    

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